उत्तराखंड

उत्तराखंड में लागू हुआ वीबी-जी राम-जी अधिनियम, 15 से 25 फीसदी बढ़ी मजदूरी

विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (वीबी-जी राम-जी) आज यानी एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो गयी है. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार योजना की नई मजदूरी दरें जारी कर दी हैं. उत्तराखंड के मनरेगा में सक्रिय 7.58 लाख श्रमिकों में से 92 फीसदी श्रमिकों की ई- केवाईसी भी हो चुकी है.

इस नई व्यवस्था के तहत अब देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी. सबसे अधिक लाभ उन राज्यों को मिलेगा, जहां अब तक मजदूरी इससे कम थी. इनमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम समेत बंगाल शामिल हैं. वीबी-जी राम-जी पूरे देश में लागू होने के साथ ही उत्तराखंड में भी प्रभावी हो गई है. ऐसे में प्रदेश के मजदूरों की मजदूरी में 15 से 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है.

इस नई अधिसूचना के बाद देश में औसत दैनिक मजदूरी 299 रुपये से बढ़कर 327 रुपये से ज्यादा हो जाएगी. भारत सरकार ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर रोजाना 300 रुपये की न्यूनतम आधार मजदूरी तय की है. जबकि अभी तक देश के कई राज्यों में दैनिक मजदूरी 300 रुपए से कम थी. उत्तराखंड राज्य की बात करें तो, पुरानी मनरेगा योजना के तहत उत्तराखंड में दैनिक मजदूरी 252 रुपए थी. अब विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (ग्रामीण) प्रभावी होने के बाद दैनिक मजदूरी 300 रुपए के पार हो गई है.

उत्तराखंड में वीबी-जी राम-जी लागू किए जाने को लेकर ग्राम्य विकास सचिव धीराज गर्ब्याल ने अधिसूचना भी जारी कर दी है. इसके साथ ही उत्तराखंड राज्य में वीबी-जी राम-जी को मिशन के रूप में लागू करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है. प्रदेश की सभी 7,817 ग्राम पंचायतों की मैपिंग कर इसकी जानकारी, केंद्र के युक्तिधारा पोर्टल (Yuktidhara Portal) पर अपलोड की जा चुका है. पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानि मनरेगा में सक्रिय 7.58 लाख श्रमिकों में से 92 फीसदी श्रमिकों की ई- केवाईसी भी हो चुकी है.

दरअसल, भारत सरकार ने विकसित भारत- 2047 के विजन के आधार पर मनरेगा के स्थान पर वीबी-जी राम-जी लाने का निर्णय लिया था. साथ ही देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वीबी-जी राम-जी को एक जुलाई 2026 से लागू करने के लिए भारत सरकार ने 11 मई को अधिसूचना भी जारी कर दी थी. सभी राज्यों को 30 जून तक अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए गए थे. इसके क्रम में उत्तराखंड राज्य में भी अधिसूचना जारी कर दी गई है. हालांकि, 11 मई को भारत सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी थी.

वीबी-जी राम-जी के तहत चार थीम पर 318 तरह के कामों की अनुमति है. इनमें जल सुरक्षा से जुड़े 107 तरह के काम, ग्रामीण आजीविका के 86 तरह के काम, ग्रामीण अवस्थापना के 88 तरह के काम और आपदा न्यूनीकरण के 37 तरह के काम शामिल हैं. इसके साथ ही मनरेगा में स्वीकृत कार्य भी वीबी- जी राम-जी में शामिल होंगे.




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