1.24 लाख रुपये… गुरुग्राम में नर्सरी के बच्चे की फीस जानकर चौंके यूजर्स, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

आज के समय में बच्चों की पढ़ाई को लेकर माता-पिता पहले से ज्यादा सजग हैं. हालांकि, बढ़ती फीस ने आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है. इसी सिलसिले में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी खूब वायरल हो रही है, जिसमें नर्सरी क्लास की फीस देखकर लोग हैरान रह गए. वायरल हो रहे पोस्ट में एक बच्चे की महज 3 महीने की फीस के लिए 1.24 लाख रुपये की फीस मांगी गई. इस आंकड़े ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है कि आखिर शुरुआती एजुकेशन इतनी महंगी क्यों होती जा रही है.
यह मामला गुरुग्राम का है, जहां एचआर प्रोफेशनल पूजा सेठिया ने अपने बच्चे की नर्सरी फीस का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंकडइन पर शेयर किया. पोस्ट के अनुसार,नर्सरी की एक तिमाही की फीस लगभग 1.24 लाख रुपये है. यानी सालभर की फीस लाखों रुपये में पहुंच जाती है. उन्होंने मजाक के अंदाज में लिखा है इस फीस को वह अपने बच्चे के लिए एसआईपी में इन्वेस्ट करने का सोच रही हैं, क्योंकि प्ले स्कूल की इतनी फीस भरने से अच्छा निवेश करना होगा जो उनके बच्चे की हायर एजुकेशन में काम आ सकती है. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि मुझे यह तो यकीन रहेगा कि कम से कम उनका बच्चा अच्छी-खासी जमा पूंजी के साथ ग्रेजुएशन कर पाएगा, भले ही उसकी लिखावट थोड़ी खराब हो. जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन देने शुरू कर दिए. कई लोगों ने इसे शिक्षा का महंगा होता बिजनेस बताया तो कुछ नहीं से पेरेंट्स की पसंद करार दिया.
इस पोस्ट को देखकर सोशल मीडिया पर यूजर्स के अलग-अलग तरह के रिएक्शन सामने आए. एक यूजर ने पोस्ट को देखकर कमेंट किया, इतनी फीस में तो हमने ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएट पूरी कर ली थी. वहीं दूसरे ने लिखा स्कूल के और भी सस्ते ऑप्शन है, यह पेरेंट्स की चॉइस है. इसके अलावा एक और यूजर कमेंट करता है हम लोग दिखावे के चक्कर में महंगे स्कूल चुन लेते हैं, इसलिए स्कूल वालों के भी भाव बढ़ जाते हैं. वहीं एक और यूजर कमेंट करता है स्कूल सिर्फ पढ़ाई नहीं बच्चों की सोशल ग्रोथ के लिए भी जरूरी है. एक और यूजर कमेंट करता है आज के समय में शिक्षा आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है. कुछ यूजर्स ने कहा कि स्कूल बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि सामाजिक माहौल और एक्स्पोजर भी देते हैं. इसलिए फीस ज्यादा होती है, वहीं कई लोगों ने इसे मिडिल क्लास के लिए बड़ी चुनौती भी बताया.


