उत्तराखंड में शिक्षा के मंदिर में ‘भूत का मंदिर’, अब हो रहा बवाल; बैठी जांंच

जनपद के राजकीय इंटर कालेज कौसानी में ‘भूत का मंदिर’ बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रकरण में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं व छात्रों से अवैध वसूली के आरोप लगने पर विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी खंड शिक्षाधिकारी गरुड़ को सौंपी गई है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय परिसर में लगभग 25 हजार रुपये की लागत से ‘भूत मंदिर’ का निर्माण कराया गया। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर मंदिर बनाया गया, वहां पूर्व में किसी व्यक्ति की असमय मृत्यु हुई थी। इसको लेकर अभिभावक संघ की बैठक भी हुई।
मंदिर निर्माण के नाम पर प्रत्येक छात्र से 100 रुपये लिए गए। कुल 218 छात्रों से करीब 21,800 रुपये और शिक्षकों के योगदान से लगभग 25 हजार रुपये एकत्र किए गए, लेकिन इसके बावजूद बहुत छोटा निर्माण कार्य किया गया।
अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2025 से छात्रों से प्रति माह 50 रुपये के हिसाब से सफाई शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि नियमों के तहत कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क लेना प्रतिबंधित है। हैरानी की बात यह है कि विद्यालय में सफाई कर्मचारी की नियुक्ति फरवरी 2026 में हुई, जबकि शुल्क दिसंबर से ही लिया जा रहा था। इससे धन के उपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विद्यालय प्रशासन पर कोविड काल के दौरान आनलाइन प्रशिक्षण के लिए विभाग से प्राप्त 11 हजार रुपये संबंधित शिक्षकों तक न पहुंचाने का आरोप भी है। इसके अलावा सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को अब तक मानदेय न मिलने की बात भी सामने आई है।


